क्या भारत सच में सुरक्षित नहीं भारत में बढ़ रहा है क्राइम रेट साल 2019 से 2026 तक अब तक का सबसे उच्चतर रेट एक्सक्लूसिव रिपोर्ट
भारत एक विशाल देश है जहां लाखों करोड़ों लोग निवास करते हैं जिनकी अलग-अलग भाषाएं हैं हजारों भाषाएं हैं और अलग-अलग राज्य में भी रहते हैं और लोगों की अलग-अलग मानसिकताएं होती हैं क्या करण हैं की लोगों में बहुत ज्यादा मतभेद होते हैं जिसे क्राइम मर्डर छिनैती अन्य अपराध रेप वगैरा-वगैरा होते रहते हैं
कौन से राज्य में कितनी क्राइम रेट है एनसीआरबी के रिपोर्ट के अनुसार
सबसे पहले हम यह जानते कि 2020 से 2026 के बीच किन-किन राज्यों में सबसे हाईएस्ट क्राईम हुए मध्यप्रदेश ,उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र , छत्तीसगढ़ ,आंध्र प्रदेश, कर्नाटक ,वेस्ट बंगाल , गुजरात , बिहार, झारखंड इन राज्यों में सबसे ज्यादा क्राइम हुए हैं 2020 और 2026 के बीच में एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार इन राज्यों में तकरीबन एक लाख से तीन चार लाख क्राइम रेट आंकी गई है और पूरे भारत को मिलाकर बोले तो तकरीबन 4 से 5 करोड़ क्राइम रेट है दिन में सबसे ज्यादाकेसेस आती है मर्डर चोरी और रेप
भारत में अभी रिसेंटली सबसे ज्यादा रिलिजियस कारणो की वजह से हो रहे हैं बहुत ज्यादा क्राइम
भारत में धार्मिक और सांप्रदायिक दंगा अपराध 2020 से 2026 तक 95 से 96% की बढ़ोतरी हुई जिसकी कई कारण सामने आते हैं जिसमें कुछ चीजों का विरोध करना चाहे वह सरकार के खिलाफ हो चाहे वह किसी अन्य दल के खिलाफ होमहिला और चाइल्ड एब्यूज
सरकारी रहती तो है कि महिला और बच्चा सुरक्षित है मगर यह हमें कहीं दिखाई नहीं देती यह केवल आंकड़ों में बताया जाता है कि महिला और बच्चा सुरक्षित हैं इनके खिलाफ कम अपराध हो रहे हैं मगर ऐसा नहीं है जमीनी हकीकत इससे अलग है साल 2020 से 2026 तक सबसे ज्यादा महिला और बच्चे ही अपराधी का शिकार हुए हैं जिम छेड़छाड़ बलात्कार और अन्य चीजे शामिल हैभारत की युवाओं ने किया सबसे ज्यादा अपराध
कुछ राष्ट्रीय अखबारों की माने तो भारत में 12 से 18 साल के बीच के लड़के आजकल बहुत ज्यादा अपराध कर रहे हैं साथी उन में नशा का खुमार चढ़ा है गांजा शराब और अन्य जैसे चरश वगैरा-वगैरा शहरों में छोटे-छोटे किशोर बालक मर्डर जैसे चीजों को अंजाम दे रहे हैं यह बड़ी चिंता की बात है कि हमारे देश की युवा पीढ़ी कहां जा रही हैभारत में बढ़ते अपराध दर के मुख्य कारण
1. आर्थिक कारणबेरोज़गारी:जब युवाओं को रोजगार नहीं मिलता, तो कई लोग गलत रास्तों की ओर बढ़ जाते हैं। National Crime Records Bureau (NCRB) के 2022 के आँकड़ों के अनुसार गिरफ्तार किए गए लोगों में अधिकतर 16 से 44 वर्ष आयु वर्ग के थे। बेरोज़गारी के कारण चोरी, लूट, धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड जैसे अपराध बढ़ते हैं।
आर्थिक असमानता:अमीर और गरीब के बीच बढ़ती दूरी भी अपराध को बढ़ावा देती है। बड़े शहरों की झुग्गी-बस्तियों और आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों में संपत्ति से जुड़े अपराध अधिक देखे जाते हैं।
महंगाई और गरीबी:जब लोगों की बुनियादी ज़रूरतें पूरी नहीं होतीं, तो कुछ लोग मजबूरी में अपराध का रास्ता चुन लेते हैं।
2. सामाजिक कारण
तेज़ शहरीकरण:गाँवों से शहरों की ओर पलायन बढ़ने से पारिवारिक और सामाजिक नियंत्रण कम हुआ है। संयुक्त परिवार टूट रहे हैं, जिससे युवाओं पर निगरानी और मार्गदर्शन कम हो गया है।
नशाखोरी:शराब, ड्रग्स और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन अपराधों को बढ़ाता है। NDPS Act से जुड़े मामलों में पिछले वर्षों में तेज़ बढ़ोतरी देखी गई है।
सोशल मीडिया और इंटरनेट:इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराध भी बढ़े हैं। ऑनलाइन फ्रॉड, फेक कॉल, डिजिटल अरेस्ट, रिवेंज पोर्न और हैकिंग जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
नैतिक शिक्षा की कमी:समाज में नैतिक मूल्यों और अनुशासन की कमी भी अपराध बढ़ने का एक कारण माना जाता है।
3. कानून व्यवस्था से जुड़े कारण
पुलिस बल की कमी:संयुक्त राष्ट्र के मानकों के अनुसार प्रति 1 लाख लोगों पर लगभग 222 पुलिसकर्मी होने चाहिए, जबकि भारत में यह संख्या इससे काफी कम है। इससे अपराध नियंत्रण में कठिनाई आती है।
अदालतों में लंबित मामले:भारत में करोड़ों मामले वर्षों से अदालतों में लंबित हैं। न्याय मिलने में देरी अपराधियों के मन से सज़ा का डर कम कर देती है।
कम सज़ा दर (Conviction Rate):कई मामलों में अपराध साबित नहीं हो पाता, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ता है।
भ्रष्टाचार:कुछ मामलों में रिश्वतखोरी और राजनीतिक दबाव के कारण अपराधियों को बच निकलने का मौका मिल जाता है।
4. नए प्रकार के अपराध
साइबर अपराध:UPI फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, फिशिंग, OTP स्कैम और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं।
महिलाओं के खिलाफ अपराध:महिलाओं के प्रति हिंसा, घरेलू उत्पीड़न, दहेज हत्या और ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि विशेषज्ञ मानते हैं कि अब महिलाएँ पहले की तुलना में अधिक शिकायत दर्ज करा रही हैं, इसलिए आंकड़े बढ़े हुए दिखाई देते हैं।
संगठित अपराध:गैंगवार, सुपारी किलिंग, मानव तस्करी और उगाही जैसे अपराध कई राज्यों में गंभीर समस्या बने हुए हैं।
बाल अपराध (Juvenile Crime):कम उम्र के बच्चों का अपराध की ओर बढ़ना भी चिंता का विषय है। गलत संगति, सोशल मीडिया और पारिवारिक समस्याएँ इसके प्रमुख कारण हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
National Crime Records Bureau के अनुसार अपराध के आंकड़ों में वृद्धि का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि अपराध अचानक बहुत बढ़ गए हैं।इसके पीछे कुछ कारण यह भी हैं:
ऑनलाइन FIR की सुविधा
लोगों में जागरूकता बढ़ना
महिलाओं और पीड़ितों का खुलकर शिकायत दर्ज कराना
डिजिटल रिकॉर्डिंग सिस्टम का बेहतर होना
इसलिए कई बार “अपराध बढ़ना” वास्तव में “रिपोर्टिंग बढ़ना” भी हो सकता है।
वर्तमान समय में सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले अपराध
1.साइबर अपराध
2.आर्थिक धोखाधड़ी
3.ड्रग्स और नशे से जुड़े अपराध
4.ऑनलाइन ठगी
5.महिलाओं और बच्चों के खिलाफ डिजिटल अपराध
6. जबकि हत्या जैसे कुछ हिंसक अपराधों की दर पिछले कई वर्षों में लगभग स्थिर रही है।